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"सांप ने नहीं, सिस्टम के 'सांपों' ने डसा: फर्जी साइन और कूटरचित कागजों से सरकारी खजाने में सेंध।" 🐍

# 17 Feb, 2026

तखतपुर। तखतपुर तहसील के अंतर्गत एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी सिस्टम की खामियों और जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। यह पूरा मामला ग्राम चना डोंगरी आवेदिका उर्वशी श्रीवास द्वारा अपने पति की मृत्यु के नाम पर प्राप्त की गई सहायता राशि से जुड़ा है।

धोखाधड़ी का पूरा घटनाक्रम आवेदिका उर्वशी श्रीवास ने कार्यालय तहसीलदार तखतपुर में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि उनके पति पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु 'सर्पदंश' (सांप के काटने) से हुई है। इस आधार पर उन्होंने शासन से 4,00,000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्राप्त कर ली। लेकिन जब इस प्रकरण की गहराई से जांच की गई, तो परत दर परत झूठ सामने आने लगा।

इस खबर को भड़ास में प्रमुखता से लगाया गया था जांच में खुले राज कलेक्टर बिलासपुर के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल (जिसमें तहसीलदार, थाना प्रभारी और चिकित्सा अधिकारी शामिल थे) की रिपोर्ट ने इस पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया। जांच में पाया गया कि आवेदिका ने जिस मर्ग क्रमांक 23/2022 का सहारा लिया था, वह असल में किसी शोभाराम कौशिक का था, जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। सरकारी रिकॉर्ड में मृतक पुरुषोत्तम श्रीवास का नाम कहीं दर्ज ही नहीं था।

अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तत्कालीन तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला ने स्वयं तस्दीक की है कि सहायता राशि जारी करने के आदेश पत्र पर किए गए उनके हस्ताक्षर पूरी तरह से बनावटी और फर्जी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह आदेश पत्र जारी हुआ, तब वे पदस्थ तो थे, लेकिन हस्ताक्षर उनके नहीं हैं।

परिजनों के विरोधाभासी बयान मृतक के ससुर और साले के बयानों ने भी आवेदिका के दावों को झूठा साबित कर दिया। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम की मृत्यु घर पर ही हुई थी और उसे सांप ने मौत से करीब 2-3 महीने पहले काटा था, जिसके बाद उसे लकवा मार गया था। मृत्यु के समय सर्पदंश जैसी कोई तात्कालिक घटना नहीं हुई थी और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया था।

एफआईआर की सिफारिश इस कूटरचित दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों के माध्यम से सरकारी खजाने में सेंध लगाने के गंभीर आरोप में अब आवेदिका उर्वशी श्रीवास के विरुद्ध तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR)

दर्ज कर इन धाराओं में दर्ज हुई FIR ⚖️ तहसीलदार तखतपुर की शिकायत पर पुलिस ने उर्वशी श्रीवास एवं अन्य के विरुद्ध धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा की कूटरचना), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) और 34 (समान मंशा) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

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