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​"सर्पदंश सहायता राशि में 'फर्जीवाड़े' की आंच ने ली एक और जान:- आरोपी मां-बेटे को बुलाया था थाने, युवक ने कर ली खुदकुशी"

# 20 Feb, 2026

​तखतपुर। सरकारी सिस्टम की खामियों और जालसाजी के एक मामले ने उस वक्त रूह कंपा देने वाला मोड़ ले लिया, जब पुलिसिया कार्रवाई के डर से एक 20 वर्षीय युवक ने मौत को गले लगा लिया। ग्राम चना डोंगरी निवासी कमलेश श्रीवास ने थाने से लौटने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ​

क्या है पूरा मामला ?

यह विवाद 4 लाख रुपये की उस सहायता राशि से शुरू हुआ, जिसे आवेदिका उर्वशी श्रीवास ने अपने पति पुरुषोत्तम श्रीवास की 'सर्पदंश' से हुई मौत के नाम पर हासिल किया था। ​

जांच में खुलासा: कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर हुई जांच में पता चला कि जिस मर्ग रिपोर्ट (क्र. 23/2022) के आधार पर पैसा लिया गया, वह असल में किसी शोभाराम कौशिक की थी, जिसने फांसी लगाई थी। ​

फर्जी हस्ताक्षर: तत्कालीन तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला ने पुष्टि की कि आदेश पत्र पर उनके हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी थे। ​FIR और सदमा: इसी धोखाधड़ी (धारा 420) के मामले में पुलिस ने कमलेश श्रीवास और उसकी मां को बयान के लिए थाने बुलाया था। बताया जा रहा है कि पुलिसिया कार्रवाई के खौफ और सामाजिक बदनामी के सदमे में कमलेश थाने से भागकर घर पहुंचा और ताला तोड़कर फांसी लगा ली। ​

अजीब संयोग: FIR के बाद सिर्फ 'मौत' ​तखतपुर राजस्व विभाग के पिछले दो बड़े मामलों में एक डरावना पैटर्न देखने को मिला है। लोग अब इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।: ​

भारत माला मामला: पूर्व पटवारी पर FIR हुई, जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। ​सर्पदंश मामला: तहसीलदार की FIR के दो दिन भीतर ही आरोपी परिवार के युवा सदस्य ने जान दे दी। ​

पड़ोसियों ने दी सूचना ​जब कमलेश ने घर के अंदर आत्मघाती कदम उठाया, तब पड़ोसियों को इसकी भनक लगी। सूचना मिलते ही तखतपुर 112 की टीम आरक्षक सत्यार्थ शर्मा मौके पर पहुंची और युवक को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पुलिस फिलहाल मर्ग कायम कर आगे की जांच कर रही है।

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